एडवांस्ड हार्ट फेलियर में नई उम्मीद हार्ट ट्रांसप्लांट और LVAD से मिल रहा बेहतर जीवन


एडवांस्ड हार्ट फेलियर में नई उम्मीद हार्ट ट्रांसप्लांट और LVAD से मिल रहा बेहतर जीवन

 वाराणसी: हार्ट फेलियर एक गंभीर बीमारी है जो दुनियाभर में लाखों लोगों को प्रभावित कर रही है और भारत में भी इसके मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही हैखासकर 65 वर्ष से कम आयु के लोगों में। जब दवाओं और सामान्य उपचार से मरीज को पर्याप्त राहत नहीं मिलती और बीमारी अंतिम चरण यानी एडवांस्ड हार्ट फेलियर में पहुंच जाती हैतब एडवांस्ड ट्रीटमेंट की जरूरत होती है। ऐसे में मुख्य विकल्प होते हैंहार्ट ट्रांसप्लांट और लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइस (LVAD)


एडवांस्ड हार्ट फेलियर वह स्थिति है जब मरीज अधिकतम सहनशील दवाएं लेने के बावजूद रोजमर्रा की गतिविधियां जैसे चलनासीढ़ियां चढ़ना या हल्का काम करना भी कठिन महसूस करता है। इससे न केवल जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होती हैबल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है क्योंकि मरीज की स्वतंत्र रूप से सोचने और काम करने की क्षमता कम हो जाती है। इसके प्रमुख कारणों में कोरोनरी आर्टरी डिजीजडायबिटीजहाई ब्लड प्रेशरजन्मजात हृदय रोगवाल्व की बीमारीहार्ट अटैक या दिल का बढ़ जाना अथवा संक्रमण शामिल हैं।


मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटलसाकेत के सीटीवीएस विभाग के चेयरमैन एवं हेड डॉ. रजनीश मल्होत्रा ने बताया एंड-स्टेज हार्ट फेलियर के लिए हार्ट ट्रांसप्लांट को आज भी गोल्ड स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट माना जाता है। इसमें मरीज के खराब हो चुके हृदय को किसी मृत डोनर के स्वस्थ हृदय से बदला जाता है। यह उन मरीजों के लिए उपयुक्त है जिन पर दवाओं और अन्य सर्जिकल उपचारों का असर नहीं हो रहा और जिनकी जीवन प्रत्याशा सीमित रह गई है। सफल ट्रांसप्लांट के बाद मरीज को लंबी अवधि तक बेहतर जीवन मिल सकता हैहालांकि उन्हें जीवनभर इम्यूनोसप्रेसिव दवाएं लेनी पड़ती हैं ताकि शरीर नए हृदय को अस्वीकार न करे। दूसरी ओर, LVAD एक मैकेनिकल डिवाइस है जिसे सर्जरी के जरिए सीने में लगाया जाता है। यह डिवाइस हृदय के बाएं हिस्से से खून को पूरे शरीर में पंप करने में मदद करता है और कमजोर हो चुके दिल का काम संभालता है। LVAD को ट्रांसप्लांट तक पहुंचने के लिए “ब्रिज टू ट्रांसप्लांट” के रूप मेंस्थायी उपचार के तौर पर या अस्थायी रिकवरी सपोर्ट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। नई तकनीक के कारण ये डिवाइस अब पहले से अधिक सुरक्षितप्रभावी और किफायती हो गए हैं।


सही विकल्प का चयन कई बातों पर निर्भर करता है। अपेक्षाकृत युवा और अन्य गंभीर बीमारियों से मुक्त मरीज हार्ट ट्रांसप्लांट के बेहतर उम्मीदवार हो सकते हैंजबकि अधिक उम्र या कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं वाले मरीजों के लिए LVAD अधिक व्यावहारिक विकल्प हो सकता है। डोनर हार्ट की सीमित उपलब्धता भी एक बड़ी चुनौती हैजिसके कारण कई मरीजों को लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ती है या लंबे समय तक LVAD पर निर्भर रहना पड़ता है। साथ हीमरीज की व्यक्तिगत पसंदजीवनशैली और सर्जरी के बाद की जिम्मेदारियों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।


हार्ट ट्रांसप्लांट और LVAD जैसे एडवांस्ड विकल्पों ने एडवांस्ड हार्ट फेलियर के उपचार में नई उम्मीद जगाई है। हर मरीज के लिए एक पर्सनलाइज्डपेशेंट-सेंट्रिक और एविडेंस-बेस्ड अप्रोच अपनाना ही बेहतर परिणाम सुनिश्चित करता है। निरंतर रिसर्चइनोवेशन और टीमवर्क के माध्यम से भविष्य में हृदय रोगों के उपचार और मरीजों की जीवन गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सकता है।

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